ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुआई में “घर-घर सुंदरकांड” की कामना से आचार्यों द्वारा चिनहट के सनातन धाम लॉन में किया गया हवन




हवन पूजन के साथ सम्पन्न हुई एक सप्ताह से संचालित सनातन कावड़ सेवा

लखनऊ । ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुवाई में शिवरात्रि के पावन अवसर पर चिनहट के रजत डिग्री कॉलेज के सामने स्थित भव्य सनातन धाम लॉन परिसर में शुक्रवार 21 से बुधवार 26 फरवरी तक कांवड़ियों के लिए जलपान, विश्राम और चिकित्सा की सेवा, बाबा भोलेनाथ के भव्य दरबार के साथ सफलतापूर्वक संचालित की गई। इस क्रम में शिवरात्रि के पावन अवसर पर बुधवार 26 फरवरी को आचार्यों द्वारा हवन पूजन किया गया। इसके माध्यम से प्रार्थना की गई कि मानव, राष्ट्र और विश्व को सुन्दर बनाने के लिए घर घर सुंदरकांड का पाठ किया जाए। इस महा अभियान का लक्ष्य ही है कि “सुंदरकांड बने भारत की पहचान”। हवन पूजन के साथ ही कावड़ भंडारे आदि की सेवाएं सम्पन्न हो गईं। दूसरी ओर चिनहट स्थित श्री परमानंद हरि हर मंदिर में शिवरात्रि पर्व का भंडारा आयोजित किया गया। इस क्रम में शनिवार 1 मार्च को 2100 मातृशक्तियों द्वारा चिनहट के रजत डिग्री कॉलेज के सामने स्थित भव्य सनातन धाम लॉन में सामूहिक सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा।



सपना गोयल द्वारा बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के, बीते साल 10 मार्च को महिला दिवस के उपलक्ष्य में पांच हजार से अधिक मातृशक्तियों द्वारा लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान सम्पन्न करवाया गया था। सामूहिक सुंदरकांड का अभियान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वृहद रूप में निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसके तहत नैमिषारण्य तीर्थ, उत्तराखंड कोटद्वार के प्रतिष्ठित प्राचीन मंदिर, सिद्धबली परिसर और काशी के बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर में भी सामूहिक सुंदरकांड पाठ का अनुष्ठान, सफलतापूर्वक आयोजित करवाया जा चुका है। अयोध्याजी जन्मभूमि परिसर में मातृशक्तियों द्वारा सामूहिक “मासिक सुंदरकाण्ड पाठ” का सिलसिला 11 सितम्बर से शुरू हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से लखनऊ की “ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति” की सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल को इसका दायित्व सौंपा गया है। संतों और देवों की जन्मभूमि हिन्दुस्तान को दोबारा उसकी खोई प्रतिष्ठा दिलवाने और उसे विश्व गुरु के रूप में पुन: स्थापित करने के लिए, सुंदरकांड पाठ महा अभियान का संचालन वृहद स्तर पर किया जा रहा है।


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