इसके बाद से ही लगातार नेहा आशीष को प्रताड़ित करती आ रही थी। उसने आशीष को अपनी बहनों और मां से न मिलने के लिए तकरीबन 15 दिन पहले सुलानामा भी कराया था। इसके बाद बहनों ने भाई को अपने घर आने से मना कर दिया परंतु आशीष अपनी मां से मिलने बहन सुनीता के घर बार-बार आया करते थे इसी दौरान वह अपनी बहन सुनीता और अनीता सिन्हा को बताते थे कि नेहा किस तरीके से उन्हें परेशान करती है नेहा ने आशीष के पुश्तैनी मकान बेचने पर जो हिस्सा लगा था वह पैसा अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाया और इस पैसे से बंथरा में आशीष सिन्हा ने नेहा सिन्हा के नाम से जमीन खरीद कर घर बनवाया । नेहा उसे बार-बार घर से बाहर निकालने की धमकी देती थी। और इस मकान को भी अपना बताती थी और कहती थी कि यहां तुम्हारे लिए कुछ नहीं है मैं इस मकान को बेचकर बच्चों को हॉस्टल डाल दूंगी, तुम अपना इंतजाम कहीं और कर लो और बार-बार 112 डायल कर करके आशीष द्वारा पुलिस से प्रताड़ित करने का इल्जाम लगता लगती थी। 8 अप्रैल को आशीष अपनी बहन के घर आया इस प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी मां और बहन से बोला कि वह भी अपने पिता के पैसे घर और जेवर की चोरी के लिए पत्नी के खिलाफ आवेदन देगा। घर जाने के बाद उसके साथ क्या हुआ पता नहीं चला। रात 9:58 बजे बहन सुनीता ने उसको मैसेज किया गया था जिसका कोई रिप्लाई नहीं आया। पीएम रिपोर्ट के अनुसार 8/4/2025 को उसकी मौत हो गई थी।
इसके साथ ही बच्चों को भी परिवार वालों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। नेहा सिन्हा और उसके परिवार वालों ने आशीष के पार्थिव शरीर को बेटे से मुखाग्नि भी नहीं देने दी। यहां तक की मृतक आशीष सिन्हा के किसी भी क्रिया कर्म के कार्य में नेहा शामिल नहीं हुई। इस पूरे मामले में बंथरा थाने और वहां मौजूद SHO राम सिंह की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है क्योंकि पुलिस ने पूरे तरीके से नेहा सिन्हा का समर्थन किया इस पूरे मामले में कोई भी कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई ।सिर्फ नेहा और उनके घर वालों ने जो बोला पुलिस ने वैसा ही किया। बहनों के एप्लीकेशन देने पर भी बंथरा थाने में अभी तक नेहा सिन्हा के खिलाफ कोई FIR भी नहीं दायक कर रहे हैं।
इसलिए अब मां पुष्पा सिन्हा बहन सुनीता और अनीता को शासन प्रशासन से कोई भी मदद नहीं मिलने की स्थिति में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है। नेहा और उसके मायके वालों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए क्योंकि अब घर वालों को धमकियां भी मिलने लगी है जिनके रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट में उपलब्ध है। इसके साथ ही आशीष के मिश्रा को डीएनए जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। पीएम रिपोर्ट की भी वीडियोग्राफी दिलाई जाए।
ताकि उच्च स्तर तक यह बात पहुंचे और आशीष सिन्हा को न्याय मिल सके।

Comments
Post a Comment