संदिग्ध परिस्थितियों में हुई बेटे की मौत पर मां कर रही है निष्पक्ष जांच की मांग


लखनऊ, पुष्पा सिन्हा (मृतक आशीष सिन्हा की माता)के अनुसार 9 अप्रैल 2025 को आशीष सिन्हा उम्र 46 वर्ष की संदिग्ध परिस्थितियों में अपने आवास डेबल स्कूल के पीछे बंथरा में मृत्यु हो जाती है। जिसकी सूचना मां पुष्पा सिन्हा और बहन सुनीता कोकर, अनीता सिन्हा को सुबह करीबन 6:48 को प्राप्त होती है। परंतु जब तक वह अपने भाई के घर पहुंचते हैं तब तक उन्हें बिना दिखाई ही बॉडी को सील कर करके पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही होती है और मृतक की पत्नी नेहा सिन्हा और उनके घर वालों द्वारा पुलिस को यह बताया जाता है कि मृतक आशीष सिन्हा ने सुसाइड कर लिया है। जबकि बॉडी की कोई भी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पुलिस के द्वारा नहीं कराई गई और पुलिस के आने से पहले ही बॉडी के साथ क्या किया गया यह कुछ नहीं पता, जबकि सुसाइड की परिस्थितियों में पुलिस के आने तक कुछ भी नहीं किया जाता । और ना ही कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ। जबकि बहन सुनीता कोकर का घर अपने भाई मृतक आशीष सिन्हा के घर से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर है । वहां पहुंचने पर पत्नी नेहा के सारे घर वाले जो की रकाबगंज , लुलु मॉल के पास अपार्टमेंट और कानपुर में रहते थे वह घर पर पहले ही पहुंचे हुए थे। पत्नी नेहा मृतक आशीष सिन्हा के रिश्ते में अनबन चलती रहती थी और हमेशा बहनों सुनीता कोकर और अनीता सिन्हा द्वारा समझा बूझकर भाई को घर गृहस्ती को सही से चलने की सलाह दी जाती थी। परंतु बीती होली से विवाद कुछ ज्यादा ही बढ़ गया जिसमें मृतक आशीष सिन्हा को उसके ससुर दिनेश श्रीवास्तव और उसके साले अंकित श्रीवास्तव और शौर्य श्रीवास्तव के द्वारा मारा पीटा गया और मोबाइल भी तोड़ दिया गया जिससे गुस्साए आशीष ने अपनी मां पुष्पा सिन्हा और बहनों से बताया कि उनका पुश्तैनी मकान जो की रकाबगंज में स्थित था वहां पर 2014 में चोरी हुई थी जिसमें मां और बहन सुनीता के गहने चोरी हो गए थे अभी तक यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि यह चोरी किसी बाहर के व्यक्ति ने की थी परंतु आशीष ने बताया कि नेहा ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर घर पर यह चोरी करवाई थी। उन ज़ेवरो की कीमत वर्तमान समय में लगभग 50 लाख तक की है।

 इसके बाद से ही लगातार नेहा आशीष को प्रताड़ित करती आ रही थी। उसने आशीष को अपनी बहनों और मां से न मिलने के लिए तकरीबन 15 दिन पहले सुलानामा भी कराया था। इसके बाद बहनों ने भाई को अपने घर आने से मना कर दिया परंतु आशीष अपनी मां से मिलने बहन सुनीता के घर बार-बार आया करते थे इसी दौरान वह अपनी बहन सुनीता और अनीता सिन्हा को बताते थे कि नेहा किस तरीके से उन्हें परेशान करती है नेहा ने आशीष के पुश्तैनी मकान बेचने पर जो हिस्सा लगा था वह पैसा अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाया और इस पैसे से बंथरा में आशीष सिन्हा ने नेहा सिन्हा के नाम से जमीन खरीद कर घर बनवाया । नेहा उसे बार-बार घर से बाहर निकालने की धमकी देती थी। और इस मकान को भी अपना बताती थी और कहती थी कि यहां तुम्हारे लिए कुछ नहीं है मैं इस मकान को बेचकर बच्चों को हॉस्टल डाल दूंगी, तुम अपना इंतजाम कहीं और कर लो और बार-बार 112 डायल कर करके आशीष द्वारा पुलिस से प्रताड़ित करने का इल्जाम लगता लगती थी। 8 अप्रैल को आशीष अपनी बहन के घर आया इस प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी मां और बहन से बोला कि वह भी अपने पिता के पैसे घर और जेवर की चोरी के लिए पत्नी के खिलाफ आवेदन देगा। घर जाने के बाद उसके साथ क्या हुआ पता नहीं चला। रात 9:58 बजे बहन सुनीता ने उसको मैसेज किया गया था जिसका कोई रिप्लाई नहीं आया। पीएम रिपोर्ट के अनुसार 8/4/2025 को उसकी मौत हो गई थी।

इसके साथ ही बच्चों को भी परिवार वालों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। नेहा सिन्हा और उसके परिवार वालों ने आशीष के पार्थिव शरीर को बेटे से मुखाग्नि भी नहीं देने दी। यहां तक की मृतक आशीष सिन्हा के किसी भी क्रिया कर्म के कार्य में नेहा शामिल नहीं हुई। इस पूरे मामले में बंथरा थाने और वहां मौजूद SHO राम सिंह की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है क्योंकि पुलिस ने पूरे तरीके से नेहा सिन्हा का समर्थन किया इस पूरे मामले में कोई भी कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई ।सिर्फ नेहा और उनके घर वालों ने जो बोला पुलिस ने वैसा ही किया। बहनों के एप्लीकेशन देने पर भी बंथरा थाने में अभी तक नेहा सिन्हा के खिलाफ कोई FIR भी नहीं दायक कर रहे हैं।

 इसलिए अब मां पुष्पा सिन्हा बहन सुनीता और अनीता को शासन प्रशासन से कोई भी मदद नहीं मिलने की स्थिति में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है। नेहा और उसके मायके वालों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए क्योंकि अब घर वालों को धमकियां भी मिलने लगी है जिनके रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट में उपलब्ध है। इसके साथ ही आशीष के मिश्रा को डीएनए जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। पीएम रिपोर्ट की भी वीडियोग्राफी दिलाई जाए।

 ताकि उच्च स्तर तक यह बात पहुंचे और आशीष सिन्हा को न्याय मिल सके।




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